Published On: Sun, Jun 2nd, 2019

अमित शाह बने गृहमंत्री, राजनाथ को रक्षा मंत्रलय की जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा किया

नई दिल्ली : मोदी सरकार -2 में जहां मंत्रिपरिषद के कई चेहरे बदल गए हैं, वहीं क्रियान्वयन के स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। शुक्रवार को हुए विभागों के बंटवारे में स्पष्ट हो गया कि जमीनी स्तर पर बदलाव की सोच अब और तेज होगी। अमित शाह को गृह मंत्रलय का जिम्मा मिला है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा को लेकर और कड़े फैसले होंगे। राजनाथ सिंह को इस बार रक्षा मंत्रलय की जिम्मेदारी दी गई है। विदेश मंत्रलय का जिम्मा पूर्व सचिव एस. जयशंकर को देने का खास महत्व है। वित्त मंत्रलय को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म था। अरुण जेटली के स्वास्थ्य कारणों से जिम्मेदारी लेने से मना करने के बाद पीयूष गोयल सबसे आगे माने जा रहे थे, लेकिन यह मंत्रलय पूर्व रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को दिया गया है। वह देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं। हालांकि, उनसे पहले प्रधानमंत्री रहते हुए इंदिरा गांधी ने 1970-71 के बीच वित्त मंत्रलय अपने पास रखा था।

राजनाथ सिंह ने पहले ही दिन ली देश की सुरक्षा परिदृश्य की जानकारी तीनों प्रमुखों को चुनौतियों और संपूर्ण कामकाज पर अलग-अलग प्रस्तुतियां तैयार करने के आदेश दिए।

खास बात यह है कि देश की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री होने का गौरव भी निर्मला सीतारमण को हासिल है। इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए दो वर्ष तक रक्षा मंत्रलय भी अपने पास रखा था।

अनुभवी मंत्री के साथ युवा जोश : फिलहाल कुछ चेहरों को कई बड़े मंत्रलयों की इकट्ठा जिम्मेदारी भी मिली है। माना जा रहा है कि भविष्य में कैबिनेट विस्तार के साथ इसे दुरुस्त किया जाएगा। इस बात का खास ध्यान रखा गया है कि हर मंत्रलय में अनुभवी मंत्री के साथ युवा मंत्री का जोश जोड़ा जाए।

सीसीएस का स्वरूप बदला

नई सरकार में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) का स्वरूप बदल गया है। अब इसमें पीएम मोदी के अलावा अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण और एस. जयशंकर होंगे।

दो नए मंत्रलय गठित

जमीनी स्तर पर जल संसाधन, गंगा व पेयजल को मिलाकर जल शक्ति मंत्रलय और पशुधन, दुग्ध व मत्स्य के नाम से अलग मंत्रलय के गठन को भी अहम कदम माना जा सकता है। इससे सरकार की प्राथमिकता भी स्पष्ट हो गई है। गंगा पुनरुद्धार मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी, लेकिन कई कारणों से यह पूरी तरह परवान नहीं चढ़ सकी। इस बार पीएम ने एक अलग कैबिनेट मंत्री इसके लिए लगा दिया है। राजस्थान से आने वाले तेजतर्रार गजेंद्र सिंह शेखावत को जल शक्ति मंत्रलय की जिम्मेदारी दी गई है। इसी मंत्रलय में जल संसाधन व पेयजल विभाग को भी मिला दिया गया है ताकि जल से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित रहे। दूसरा स्वतंत्र मंत्रलय पशुधन, दुग्ध और मत्स्य का बनाया गया है। कैबिनेट मंत्री गिरिराज सिंह व राज्यमंत्री संजीव बालियान को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक यह कृषि मंत्रलय के अधीन एक विभाग हुआ करता था। इसका महत्व इसलिए है क्योंकि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की योजना बहुत कुछ इसी विभाग की सफलता पर निर्भर होगी।

मोदी सरकार -2

’ देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनीं निर्मला सीतारमण

’ पूर्व सचिव एस. जयशंकर को विदेश मंत्रलय का प्रभार

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

कार्मिक, लोक शिकायत व पेंशन, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, समस्त नीतिगत मामले

नई दिल्ली में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नए कार्यकाल के तहत साउथ ब्लॉक स्थित पीएमओ में पदभार संभाल लिया

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